ब्लू लाइट फ़िल्टर क्या है और इसके फायदे कौन से है?

दोस्तों आज के ज़माने में डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल हम बहुत करते है. डिजिटल स्क्रीन मतलब मोबाइल फ़ोन, टैबलेट, लैपटॉप, मॉनिटर, टीवी की स्क्रीन. दिनभर का ज्यादातर समय हम मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन के सामने बिताते है.

वर्क फ्रॉम होम कल्चर की वजह से घर से लैपटॉप से काम करने वाले लोग और आईटी क्षेत्र में काम करने वाले लोग देर रात तक स्क्रीन के सामने बैठकर काम करते रहते है. ऑनलाइन एजुकेशन के कारण स्टूडेंट देर रात तक स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप का इस्तेमाल करते रहते है. बहुत सारे लोग देर रात तक स्मार्टफोन पर मूवी, गेम्स और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते है.

जब डिजिटल स्क्रीन चालू होती है तब स्क्रीन से नीले रंग की रोशनी निकलती रहती है उसे ब्लू लाइट कहते है.. इस रोशनी का हमारे शरीर पर क्या असर होता है? सेहत पर क्या असर होता है? ब्लू लाइट की वजह से कौन से नुकसान होते है? ब्लू लाइट का और नींद का क्या सम्बन्ध है? इन सवालों के जवाब हम इस लेख में देखने वाले है.

ब्लू लाइट क्या है?

सूरज की रोशनी सात रंग के मिश्रण से बनती है. नीला रंग उन सात रंग में से एक है. नील रंग की वेवलेंथ छोटी होती है और एनर्जी उच्च होती है. सूरज की रोशनी की तरह हमारे डिजिटल स्क्रीन से भी नीले रंग की रोशनी निकलती है उसे ब्लू लाइट कहते है.

ब्लू लाइट कहां से आती है?

ब्लू लाइट के उत्पत्ति के दो प्रमुख स्त्रोत है.

प्राकृतिक- सूरज की रोशनी.
मानव निर्मित- मानव द्वारा बनाए गए बहुत सारे उपकरण है, जो ब्लू लाइट की उत्पत्ति करते है.

  • स्मार्टफोन
  • लैपटॉप
  • टैबलेट
  • टीवी
  • एलईडी बल्ब
  • फ्लोरेसेंट बल्ब

देखा जाये तो ब्लू लाइट के फायदे भी है और नुकसान भी है. दिन में इस लाइट का हमें फायदा होता है और रात को नुकसान होता है. इसके नुकसान क्या है? ये समझने के लिए हमें सबसे पहले इसके फायदे क्या है? ये देखना होगा.

ब्लू लाइट के फायदे कौनसे है?

हमारे वायुमंडल में दिन भर सूरज की रोशनी होती है, और रोशनी में ब्लू लाइट होती है. हमारे शरीर की भी एक घड़ी होती है. हमें कब सोना है, कब जागना है ये हमारे शरीर की घडी बताती है. मतलब शरीर का नींद चक्र होता है. हमारे शरीर में मेलाटोनिन नामक हार्मोन होता है जो नींद के चक्र को नियंत्रित करता है.

जब अँधेरा होता है रात होती है तभी मेलाटोनिन की मात्रा बढ़ती है और हमें नींद आती है. जब सुबह होती है तब मेलाटोनिन की मात्रा कम होती है और हमारी नींद खुलती है. दिन भर भी इस हार्मोन की मात्रा कम होती है इसलिए हमें दिन में नींद नहीं आती.

सुबह जब हम नींद से उठकर आँखे खोलते है तो सूरज की रोशनी के साथ आ रही ब्लू लाइट हमारे आँखों में जाती है. जब ये लाइट आँखों में जाती है तब मेलाटोनिन की मात्रा कम हो जाती है और हमारे शरीर को यह पता चलता है कि सुबह हो गयी है, जागने का समय हो गया है अब सोना नहीं है और शरीर में स्पुर्थी आ जाती है.

जब रात होती है अँधेरा होता है तब वायुमंडल में सूरज की रोशनी नहीं होती और ब्लू लाइट भी नहीं होती, ब्लू लाइट के ना होने के कारण आँखों को ये लाइट नहीं मिलती तब शरीर में मेलाटोनिन की मात्रा बढ़ती है और हमें नींद आ जाती है.

नींद के चक्र में ब्लू लाइट महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

हमने देखा की किस तरह ब्लू लाइट हमारे लिए दिन में आवश्यक होती है, हमारे शरीर को फायदा ही होता है. लेकिन इस लाइट का रात को हमारे शरीर पर क्या नुकसान होता है ये देखते है.

ब्लू लाइट के नुकसान कौनसे है?

सूर्यास्त के बाद अंधेरा होता है तो वातावरण में प्राकृतिक ब्लू लाइट नहीं होती, लेकिन मानव निर्मित उपकरण है जैसे की डिजिटल स्क्रीन, वहां से ब्लू लाइट निकलती रहती है. ये लाइट हमारे आँखों में जाती है और हमारे शरीर को ये लगता है कि अभी दिन है, सोना नहीं है. इसी के कारण रात को हमें नींद नहीं आती, ब्लू लाइट के कारण शरीर हमें जगाता रहता है. देर रात तक न सोने के कारण अगले दिन हम देर तक सोते रहते है. नींद पूरी नहीं होती. दिन भर आलस आता है. काम ठीक से नहीं कर पाते. सुस्त रहते है.

रात को डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट हमारे आंखों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं करती. लेकिन ये लाइट रात को हमारी नींद ख़राब करती है. हमें देर रात तक मोबाइल लैपटॉप इस्तेमाल करना है, ऑफिस का काम करना है. तो इस ब्लू लाइट से कैसे बचा जाये? इसका उपाय है ब्लू लाइट फ़िल्टर.

ब्लू लाइट फ़िल्टर क्या है?

ब्लू लाइट फ़िल्टर एक एप्लीकेशन होता है. जो डिजिटल स्क्रीन मतलब मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप, मॉनिटर की स्क्रीन से निकलने वाली नीले रंग की रोशनी यानी ब्लू लाइट को रोकता है. ब्लू लाइट फ़िल्टर को नाईट लाइट, नाईट मोड भी कहा जाता है.

ब्लू लाइट फ़िल्टर के फायदे

रात के समय जब हम डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल करते है, तब स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट के कारण नींद का चक्र ख़राब हो जाता है.

ब्लू लाइट फ़िल्टर का उपयोग करने से आपका नींद का चक्र ख़राब नहीं होगा और आपको अच्छी नींद आएगी. यह आपके नींद की गुणवत्ता को बढ़ाता है.

ब्लू लाइट फ़िल्टर को कैसे चालू करें?

एंड्राइड
  1. आपको सबसे पहले Settings में जाना है.
  2. Settings में आपको Display विकल्प चुनना है.
  3. Display में आपको Blue Light Filter / Night Light विकल्प को ऑन करना है.

Settings > Display > Blue Light Filter / Night Light

आईफोन
  1. आपको सबसे पहले Settings में जाना है.
  2. Settings में आपको Display And Brightness विकल्प चुनना है.
  3. Display And Brightness में आपको Night Shift विकल्प को ऑन करना है.

Settings > Display And Brightness > Night Shift

विंडोज 10 में ब्लू लाइट फ़िल्टर को कैसे चालू करें?
  1. आपको सबसे पहले Settings में जाना है.
  2. Settings में आपको System विकल्प चुनना है.
  3. System में आपको Display विकल्प में जाना है.
  4. Display के Brightness And Color सेक्शन में आपको Night Light का विकल्प मिलेगा।
  5. Night Light को आप को On करना है.

Settings > System > Display > Brightness And Color > Night Light

Taskbar पर मौजूद Search Box में Night Light लिखकर आपको यह ऑप्शन आसानी से मिल जायेगा.