आपके स्मार्टफोन की बैटरी बचाने के लिए टिप्स

दोस्तों जब हम स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते है तब हमें सबसे ज्यादा कौन सी समस्या का सामना करना पड़ता है? दोस्तों जब हम स्मार्टफोन का उपयोग करते है तब कम बैटरी बैकअप सबसे ज्यादा तकलीफ देता है. जब हम स्मार्टफोन पर गेम खेलते है, वीडियो, मूवी देखते है, तब मोबाइल की बैटरी जल्दी ख़त्म हो जाती है. जैसे जैसे हमारा स्मार्टफोन पुराण होता है तैसे तैसे बैटरी भी कमजोर हो जाती है और ज्यादा देर तक टिकती नहीं है.

समय के साथ स्मार्टफोन की टेक्नोलॉजी में नए आविष्कार हो रहे है, नए फीचर्स आ रहे है, मोबाइल फ़ोन स्मार्ट और पहले से ज्यादा पावरफुल होते जा रहे है, लेकिन स्मार्टफोन यूजर को नए फीचर्स के साथ अच्छा और लम्बा बैटरी बैकअप चाहिए होता है. उपयोगकर्ता बस ये चाहता है की उसके स्मार्टफोन की बैटरी पूरे दिन चले. जब घर में बिजली नहीं होती है और जब हम घर से बाहर होते है और चार्जिंग की सुविधा होती नहीं है. इस स्थिति में हम हमारे स्मार्टफोन को चार्ज नहीं कर पाते, लेकिन स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना जरूरी होता है तब हम आगे दिए हुए टिप्स का इस्तेमाल करके बैटरी को बचा सकते है.

आगे स्मार्टफोन की बैटरी बचाने के टिप्स दिए हुए है, उनका उपयोग करके आप अपने स्मार्टफोन की बैटरी को बचा सकते हो.

वॉलपेपर

वीडियो वॉलपेपर, लाइव वॉलपेपर, एनिमेटेड, 3d वॉलपेपर बहुत ज्यादा बैटरी इस्तेमाल करते है. जब आप अपने मोबाइल में इस प्रकार के वॉलपेपर का इस्तेमाल करते हो तब आपके मोबाइल की बैटरी जल्दी ख़त्म हो जाती है। इसलिए आपको सिंपल वॉलपेपर या फिर ब्लैक कलर का वॉलपेपर इस्तेमाल करना चाहिए। सिंपल वॉलपेपर रखने से स्मार्टफोन की बैटरी की बहुत ज्यादा बचत होगी।

स्क्रीन रिफ्रेश रेट

मोबाइल के स्क्रीन का रिफ्रेश रेट ज्यादा तर 60Hz से लेकर 90Hz, 120Hz, 144Hz तक होता है. अलग अलग मोबाइल में अलग अलग स्क्रीन रिफ्रेश रेट होता है. यदि आपके स्मार्टफोन के स्क्रीन का रिफ्रेश रेट 120Hz से ज्यादा है, तो स्क्रीन ज्यादा बैटरी इस्तेमाल करती है. आपको बैटरी बचानी है तो आपको स्क्रीन का रिफ्रेश रेट 60Hz या फिर 90Hz पर रखना चाहिए।

ब्राइटनेस

मोबाइल फ़ोन का डिस्प्ले सबसे ज्यादा बैटरी का उपयोग करता है. जब आप डिस्प्ले का ब्राइटनेस बहुत तेज रखते हो तो बैटरी जल्दी ख़त्म हो जाती है. बैटरी की बचत करने के लिए आपको ब्राइटनेस को हमेशा 50% से कम रखना चाहिए और ब्राइटनेस को ऑटो मोड पर रखना चाहिए। ऑटो ब्राइटनेस मोड आपके स्क्रीन के ब्राइटनेस को हालात के अनुसार एडजस्ट करता है, यदि आप घर से बाहर हो या फिर ज्यादा रोशनी में हो तो ऑटो ब्राइटनेस मोड ब्राइटनेस को तेज करता है, और यदि आप घर के अंदर हो, कम रोशनी, या फिर अंधेरे में रात को ऑटो ब्राइटनेस मोड ब्राइटनेस को काम करता है और बैटरी को बचाता है. ऑटो ब्राइटनेस मोड सेंसर की मदद से काम करता है.

AMOLED डिस्प्ले

AMOLED डिस्प्ले अन्य प्रकार के डिस्प्ले के मुकाबले मोबाइल की बैटरी का कम इस्तेमाल करता है. इस डिस्प्ले में एलईडी होते है. स्क्रीन में जहां पर ब्लैक कलर होता है और कुछ जगह पर जरूरत नहीं होती वहां के एलईडी बंद हो जाते है. इसी वजह से बैटरी की बचत होती है. यदि आपके स्मार्टफोन में AMOLED डिस्प्ले है तो बहुत अच्छी बात है.

स्लीप टाइम

स्लीप टाइम मतलब, मोबाइल का इस्तेमाल करने के बाद स्क्रीन बंद हो जाती है. इस्तेमाल करने के बाद स्क्रीन बंद होने तक जो समय लगता है उसे स्लीप टाइम कहते है. मोबाइल का स्लीप टाइम आम तौर पर 15 सेकंड 30 सेकंड 1 मिनट से लेकर 2, 10, 30 मिनट तक होता है. ज्यादा देर का स्लीप टाइम रखने का मतलब है की आपके स्मार्टफोन की स्क्रीन ज्यादा देर तक चालू रहेगी और बैटरी को कम करेगी। 30 सेकंड का स्लीप टाइम बहुत अच्छा है, इसके इस्तेमाल से बैटरी की बचत होगी।

सिग्नल

आपका मोबाइल हमेशा नेटवर्क सिग्नल को ढूंढता रहता है और नेटवर्क ढूंढने में बहुत ज्यादा बैटरी खर्च होती है. आप जहाँ पर रहते हो वहां नेटवर्क अच्छा नहीं है या फिर आता जाता रहता है इस स्थिति में बेहतर नेटवर्क की तलाश में मोबाइल हमेशा नेटवर्क सिग्नल को ढूंढता रहता है. जब आप सफर कर रहे होते है तब आप का मोबाइल अलग अलग टावर से नेटवर्क लेते रहता है. इस प्रक्रिया में नेटवर्क को ढूंढते वक़्त बहुत ज्यादा बैटरी खर्च होती है. जब नेटवर्क अच्छा नहीं है. या फिर नेटवर्क ही नहीं है इस परिस्थिति में बैटरी को बचाने के लिए aeroplane मोड या फिर फ्लाइट मोड ऑन कर कर सकते है.

वाइब्रेशन मोड

जब हमें कॉल आता है, अलार्म, टाइपिंग, नोटिफिकेशन, एप्स या फिर गेम खेलते है तभी हमारा मोबाइल वाइब्रेट होता है. वाइब्रेटर डिवाइस को वाइब्रेट करने के लिए बैटरी लगती है. यदि आपको बैटरी बचानी है तो जहा जरूरत नहीं है वहां वाइब्रेशन ऑफ कर सकते हो.

अनवांटेड ऍप्स

जिस ऐप की जरूरत नहीं है. जो ऍप बहुत दिनों से इस्तेमाल नहीं किया है उसे अनवांटेड ऍप कहते है. ये ऍप्स बैकग्राउंड में चलते रहते है और बैटरी का इस्तेमाल करते है. अनवांटेड एप्स को अनइंस्टाल करके बैटरी सेव कर सकते हो.

गेमिंग

आपने देखा होगा गेम्स खेलते वक़्त बहुत तेजी से स्मार्टफोन की बैटरी कम होती है. गेम्स बहुत ज्यादा बैटरी का उपयोग करते है. ज्यादा तर गेम्स हैवी होते है, गेम्स के ग्राफ़िक्स की सेटिंग hd रखने से भी ज्यादा पावर का उपयोग होता है. पावर की खपत को रोकने के लिए आप ग्राफ़िक्स की सेटिंग को कम कर सकते हो या फिर हैवी गेम्स के लाइट वर्जन आते है उसका इस्तेमाल कर सकते हो.

वाईफाई

वाईफाई के तुलना में मोबाइल का इंटरनेट ज्यादा बैटरी का उपयोग करता है, ऐसा क्यों होता है? क्योंकि, जब हम मोबाइल का इंटरनेट 4g या 5g इस्तेमाल करते है तब आपके मोबाइल को 4g, 5g के डिजिटल सिग्नल को एनालॉग सिग्नल में रूपांतरण करना पड़ता है. इस प्रक्रिया के दौरान मोबाइल बहुत सारा पावर इस्तेमाल करता है. जब हम मोबाइल को वाईफाई के द्वारा इंटरनेट को कनेक्ट करते है, तब मोबाइल बैटरी कम लेता है. क्योंकि, डिजिटल सिग्नल का एनालॉग सिग्नल में रूपांतरण वाईफाई में ही होता है और हम वाईफाई का इंटरनेट डायरेक्ट मोबाइल में यूज़ कर सकते है. जहा जहा आपको वाईफाई उपलब्ध हो रहा है वहां पर आप मोबाइल को कनेक्ट कर सकते हो और बैटरी को बचा सकते हो.

जीपीएस लोकेशन

जीपीएस का उपयोग हमें लोकेशन को ढूंढने के लिए होता है. यात्रा के दौरान, मैप्स का उपयोग करने के लिए, ऑनलाइन चीजें जैसे खाना, कार, सिनेमा टिकट बुक करने के लिए, किसी व्यक्ति को अपना लोकेशन भेजने के लिए जीपीएस का उपयोग होता है. जब भी जीपीएस का ऑप्शन ऑन होता है तब जीपीएस हमेशा लोकेशन को ढूंढता रहता है, इस प्रक्रिया के दौरान जीपीएस को बहुत पावर लगता है और बैटरी जल्दी जल्दी कम होती है. जिस वक़्त आपको जीपीएस की जरुरत नहीं है उस वक़्त आप उसे ऑफ कर सकते हो.

पावर सेविंग मोड

सभी स्मार्टफोन में पावर सेविंग मोड होता है. इस मोड को अलग अलग स्मार्टफोन में अलग अलग नाम से जाना जाता है जैसे की Battery Saver, Power Saving, Power Saving Mode और Power Saver. जब आपके स्मार्टफोन की बैटरी बहुत कम बची है और आप उसको चार्ज नहीं कर पा रहे हो, आप घर से बाहर घूमने गए हो और आप को लगता है की बहुत देर बाद आपको चार्जिंग करने को मिलेगा, तब आप इस मोड का इस्तेमाल कर सकते हो. जब आप इस मोड को ओन करते हो तब ये मोड आपके फ़ोन की बैटरी खपत को कम करता है.

एयरप्लेन मोड

मोबाइल नेटवर्क सिग्नल को ढूंढने के लिए बहुत ज्यादा बैटरी का इस्तेमाल होता है. यदि आपको नेटवर्क सिग्नल की जरूरत नहीं है तो आप इस मोड का इस्तेमाल कर सकते हो.

डार्क मोड

यदि आपके मोबाइल में AMOLED डिस्प्ले है तो डार्क मोड बैटरी बचाने के काम में बहुत मदद करता है. डार्क मोड में ज्यादातर ब्लैक कलर का इस्तेमाल होता है. AMOLED डिस्प्ले जहां ब्लैक कलर है वहां के एलईडी को बंद करता है और बैटरी को सेव करता है.

दोस्तों अगर आप घर से बाहर हो, इलेक्ट्रिसिटी नहीं है और आप को बैटरी चार्जिंग करनी है, तो आप पावर बैंक का इस्तेमाल कर सकते हो. आपातकालीन स्थिति में मोबाइल फ़ोन को चार्जिंग करने के लिए पावर बैंक बहुत काम आती है.

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